Sunday, July 24, 2011

अमरीका और पाकिस्‍तान में फिर तनाव

अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई ने पाकिस्तानी मूल के दो अमरीकी नागरिकों को अमरीका के लॉबिंग कानून का उल्लंघन करने को दोषी ठहराया है। उनमें से एक, गुलाम नबी फई, वाशिंगटन स्थित कश्मीरी अमरीकी काउंसिल (केएसी) चलाता है। फई पर आरोप है कि वह भारतीय कश्मीर में अमरीकी नीति को प्रभावित करने के लिये पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा उपलब्ध कराये गये धन से अमरीकी सांसदों की हथेली गरम करता था। यह गिरफ्तारी बहुत अहम वक्त हुई है। दरअसल इसी महीने के आरंभ में आईएसआई ने एक पाकिस्तानी डॉक्टर शकील अफरीदी को इस आरोप में गिरफ्तार किया कि उसने अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए को एबटाबाद में उस ऑपरेशन में सहयोग किया जिसके जरिये आतंक के सरगना ओसामा बिन लादेन का सफाया किया गया था। तो क्या इसका यह अर्थ लगाया जाये कि अमरीका ने फई को गिरफ्तार कर इस्लामाबाद को संदेश दे दिया है कि अगर वह लक्ष्मण रेखा पार करेगा तो अमरीका भी उन जगहों से वाकिफ हैं जहां दबाने पर पाकिस्तान को सबसे ज्यादा दर्द होता है।
निश्चित तौर पर फई की गिरफ्तारी से अमरीका-पाकिस्तान संबंध एक नए, परन्तु अत्यन्त असहज दौर में प्रवेश कर रहे हैं। लेकिन यह मानना जल्दबाजी होगा कि अमरीका ने पाकिस्तान की उस दलील को नकारना शुरू कर दिया है कि कश्मीर के सुलझते ही अफगानिस्तान स्वत: सुलझ जायेगा।

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